एक सुंदर सरोवर में तीन मछलियाँ रहती हैं। अनागतविधाता संभावित संकट का पहले से उपाय करने वाली, प्रत्युत्पन्नमति तत्काल समाधान निकालने वाली और यद्भविष्य भाग्य पर निर्भर रहने वाली है।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग को पढ़ते समय मुख्य घटनाओं, स्थान और प्रसंग पर ध्यान दें।
दो मछुआरे सरोवर देखकर अगले दिन बड़ा जाल लाने की योजना बनाते हैं।
मछलियाँ उनकी बात सुनती हैं और सभा करती हैं।
संकट के प्रति तीनों मछलियों के अलग-अलग विचार सामने आते हैं। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।