पाठ का मुख्य विचार
नाटक का आरंभ कपिलवस्तु के राज-उद्यान में होता है। सिद्धार्थ और उनका सखा शाम के समय प्रकृति, पक्षियों और गायों के व्यवहार को देखते हुए उनके स्वभाव और समय के संबंध पर बातचीत करते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग को पढ़ते समय मुख्य घटनाओं, स्थान और प्रसंग पर ध्यान दें।
मुख्य बात: नाटक का आरंभ कपिलवस्तु के राज-उद्यान में होता है। सिद्धार्थ और उनका सखा शाम के समय प्रकृति, पक्षियों और गायों के व्यवहार को देखते हुए उनके स्वभाव और समय के संबंध पर बातचीत करते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
- नाटक का आरंभ कपिलवस्तु के राज-उद्यान में होता है।
- इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
- इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
- इस उप-विषय की समझ पाठ के दिए गए उदाहरणों और अभ्यासों पर आधारित है।