कहानी में तैयारी, सूझ-बूझ और भाग्य-निर्भरता के तीन दृष्टिकोणों की तुलना होती है। प्रत्युत्पन्नमति जाल में फँसने पर शरीर को निर्जीव जैसा दिखाकर मछुआरों से बच निकलती है।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। निष्कर्ष वही रखें जो पाठ के प्रसंगों से स्पष्ट रूप से निकाला जा सकता है।
अभ्यास में मछलियों के स्वभाव, बचने की योजना, वैकल्पिक उपाय और कहानी से जुड़े अनुमान पर प्रश्न हैं।
संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, वचन और विराम चिह्न का अभ्यास कहानी से ही कराया गया है।
अंत में पंचतंत्र और खट्टे हैं अंगूर से रचनात्मक लेखन जोड़ा गया है। ये गतिविधियाँ पाठ की समझ को बातचीत, लेखन, भाषा-अभ्यास और रचनात्मक कार्य से जोड़ती हैं.