अनागतविधाता पहले ही सुरक्षित स्थान पर जाने की सोचती है।
यद्भविष्य स्थान छोड़ना नहीं चाहती।
प्रत्युत्पन्नमति संकट आने पर अपनी तीक्ष्ण बुद्धि से उपाय करने का निर्णय लेती है। घटनाओं को उसी क्रम में देखें जिस क्रम में पाठ उन्हें प्रस्तुत करता है।
अनागतविधाता, प्रत्युत्पन्नमति और यद्भविष्य नाम उनके स्वभाव की ओर संकेत करते हैं। गाढ़ी, विनोद, तीक्ष्ण, चिंतन, विश्राम और श्रम जैसे शब्दों के अर्थ का अभ्यास भी दिया गया है।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। शब्दों और भाषा-प्रयोग को उनके पाठ-संदर्भ के साथ समझना उपयोगी है।