हरियाणा के गाँव का किसान हीरासिंह गरीबी और चारे की कठिनाई के कारण अपनी गाय सुंदरिया की देखभाल को लेकर चिंतित है। सुंदरिया बड़ी और प्रिय गाय है, इसलिए उसे बेचने का विचार हीरासिंह के लिए आसान नहीं है।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग को पढ़ते समय मुख्य घटनाओं, स्थान और प्रसंग पर ध्यान दें।
जवाहरसिंह सुंदरिया को मौसी कहता है, जिससे गाय के साथ परिवार का आत्मीय संबंध सामने आता है। दिल्ली में नौकरी मिलने के बाद सेठ अच्छी गाय की व्यवस्था करने को कहता है और सुंदरिया से जुड़े प्रसंग आगे बढ़ते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।