वल्लरी के पिताजी अरुणाचल प्रदेश के चौखाम में अधिकारी हैं और परिवार वहाँ आता है। पाठ दिल्ली की भीड़भरी सड़कों, हॉर्न और कतारों की तुलना चौखाम के खुले, शांत और हरियाली से भरे वातावरण से करता है।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग को पढ़ते समय मुख्य घटनाओं, स्थान और प्रसंग पर ध्यान दें।
चाऊतान वल्लरी को अपने घर बुलाता है।
उसके माता-पिता सफाई का काम छोड़कर अतिथियों का स्वागत करते हैं और अनेक पकवान परोसे जाते हैं।
इस प्रसंग से स्थानीय आतिथ्य और अपनापन सामने आता है। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।