शोभायात्रा का दृश्य पाठ का महत्वपूर्ण प्रसंग है।
लोग गाते-बजाते, नाचते-कूदते हुए आगे बढ़ते हैं और मर्तियाँ तथा मंदिर से जुड़े प्रसंग आते हैं।
बातचीत में त्योहारों और नए वर्ष से जुड़े रीति-रिवाजों की समानताएँ भी सामने आती हैं। घटनाओं को उसी क्रम में देखें जिस क्रम में पाठ उन्हें प्रस्तुत करता है।
स्वागत, पकवान, शोभायात्रा, पालकी, मर्तियाँ, मंदिर और आशीर्वाद जैसे शब्द सांस्कृतिक प्रसंग को स्पष्ट करते हैं। उद्धरण चिह्न, समानार्थी शब्द और वाक्य-प्रयोग से जुड़े भाषा अभ्यास भी पाठ में हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। शब्दों और भाषा-प्रयोग को उनके पाठ-संदर्भ के साथ समझना उपयोगी है।