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Character And Event Study — Notes

Hindi मेरा बचपन English Medium Free sample chapter

घटनाओं का क्रम

रामलीला के पात्रों की सजावट दोपहर से शुरू होती थी और लेखक पहले ही वहाँ पहुँच जाता था।

वह छोटे-मोटे काम उत्साह से करता था।

आगे वह गुल्ली-डंडा को अपना प्रिय खेल बताते हुए उसके सरल साधनों की चर्चा करता है। घटनाओं को उसी क्रम में देखें जिस क्रम में पाठ उन्हें प्रस्तुत करता है।

मुख्य बात: रामलीला के पात्रों की सजावट दोपहर से शुरू होती थी और लेखक पहले ही वहाँ पहुँच जाता था।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • रामलीला के पात्रों की सजावट दोपहर से शुरू होती थी और लेखक पहले ही वहाँ पहुँच जाता था।
  • वह छोटे-मोटे काम उत्साह से करता था।
  • आगे वह गुल्ली-डंडा को अपना प्रिय खेल बताते हुए उसके सरल साधनों की चर्चा करता है।
  • इस उप-विषय की समझ पाठ के दिए गए उदाहरणों और अभ्यासों पर आधारित है।

भाषा और शब्द-संपदा

चबेना, पयाल, गुल्ली-डंडा, थापी, रामलीला और तमाशा जैसे शब्द पाठ के ग्रामीण तथा सांस्कृतिक जीवन को समझाते हैं। पाठ में दोपहर और अन्य शब्दों के अर्थ तथा संज्ञा-विशेषण से जुड़े अभ्यास भी हैं।

इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।

इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। शब्दों और भाषा-प्रयोग को उनके पाठ-संदर्भ के साथ समझना उपयोगी है।

मुख्य बात: चबेना, पयाल, गुल्ली-डंडा, थापी, रामलीला और तमाशा जैसे शब्द पाठ के ग्रामीण तथा सांस्कृतिक जीवन को समझाते हैं। पाठ में दोपहर और अन्य शब्दों के अर्थ तथा संज्ञा-विशेषण से जुड़े अभ्यास भी हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • चबेना, पयाल, गुल्ली-डंडा, थापी, रामलीला और तमाशा जैसे शब्द पाठ के ग्रामीण तथा सांस्कृतिक जीवन को समझाते हैं।
  • इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
  • इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
  • इस उप-विषय की समझ पाठ के दिए गए उदाहरणों और अभ्यासों पर आधारित है।