कविता में किरन को सुबह के प्रकाश के रूप में मानवीय रूप दिया गया है।
वह बहुत जल्दी आती है और सोए हुए बच्चों को जगाने का काम करती है।
बालिका बताती है कि वह पिछली शाम तक किरन के साथ खेलती रही थी, फिर किरन के जाने पर अकेली रह गई। इस भाग को पढ़ते समय मुख्य घटनाओं, स्थान और प्रसंग पर ध्यान दें।
बालिका और किरन के संवाद से दोनों के बीच आत्मीयता दिखाई देती है।
बालिका रात में परी कथाएँ पढ़ती रही, इसलिए उसे देर से नींद आई।
किरन सुबह आती है और बच्चों को जगाने की अपनी भूमिका बताती है। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।