कविता से यह समझ आता है कि सुबह का प्रकाश बच्चों की दिनचर्या में परिवर्तन लाता है।
बालिका का देर से सोना उसके रात में परी कथाएँ पढ़ने से जुड़ा है।
किरन का आना-जाना सुबह और शाम के क्रम को कल्पनात्मक रूप से स्पष्ट करता है। निष्कर्ष वही रखें जो पाठ के प्रसंगों से स्पष्ट रूप से निकाला जा सकता है।
अभ्यास में सुबह होने के संकेत, सूर्य के प्रकाश से होने वाले कार्य, किरन के मुख्य काम और बालिका को देर से नींद आने के कारण पर प्रश्न हैं। विद्यार्थियों को सुबह और शाम के अनुभव तथा अपनी पसंद के समय पर बातचीत करने का अवसर भी मिलता है।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। ये गतिविधियाँ पाठ की समझ को बातचीत, लेखन, भाषा-अभ्यास और रचनात्मक कार्य से जोड़ती हैं.