भाषा और शब्द-संपदा
झुंड, गुच्छा, भीड़, गट्ठर और रेवड़ जैसे समूहवाचक शब्दों का अभ्यास है।
दर्शनीय और प्रशंसनीय जैसे शब्दों के अर्थ तथा वाक्य-प्रयोग भी दिए गए हैं।
पत्र और यात्रा-वर्णन की भाषा स्थानों तथा जीव-जंतुओं से जुड़े शब्दों से समृद्ध है। शब्दों और भाषा-प्रयोग को उनके पाठ-संदर्भ के साथ समझना उपयोगी है।
मुख्य बात: झुंड, गुच्छा, भीड़, गट्ठर और रेवड़ जैसे समूहवाचक शब्दों का अभ्यास है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- झुंड, गुच्छा, भीड़, गट्ठर और रेवड़ जैसे समूहवाचक शब्दों का अभ्यास है।
- दर्शनीय और प्रशंसनीय जैसे शब्दों के अर्थ तथा वाक्य-प्रयोग भी दिए गए हैं।
- पत्र और यात्रा-वर्णन की भाषा स्थानों तथा जीव-जंतुओं से जुड़े शब्दों से समृद्ध है।
- इस उप-विषय की समझ पाठ के दिए गए उदाहरणों और अभ्यासों पर आधारित है।