निशा ने पुस्तकों में अजंता और एलोरा के बारे में पढ़ा था, इसलिए छुट्टियों में मौसी के साथ वहाँ जाने के लिए उत्साहित थी। यात्रा में वे छत्रपति संभाजीनगर पहुँचे और अगले दिन अजंता गए।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग को पढ़ते समय मुख्य घटनाओं, स्थान और प्रसंग पर ध्यान दें।
अजंता में नदी, शिलाखंड, पहाड़ी, गुफाएँ और कुंड दिखाई देते हैं। गुफाओं की दीवारों पर गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े चित्रों के साथ पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और स्त्रियों के चित्र भी बने हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।