पात्र और उनकी भूमिकाएँ
देवप्रयाग में अलकनंदा गंगा से मिलती है।
ऋषिकेश पहुँचने पर नदी मैदान में उतरती है।
उसके किनारों पर साधु-संतों के आश्रम, नगर और कारखाने बसे हैं और नदी उन्हें पानी देती है। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।
मुख्य बात: देवप्रयाग में अलकनंदा गंगा से मिलती है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- देवप्रयाग में अलकनंदा गंगा से मिलती है।
- ऋषिकेश पहुँचने पर नदी मैदान में उतरती है।
- उसके किनारों पर साधु-संतों के आश्रम, नगर और कारखाने बसे हैं और नदी उन्हें पानी देती है।
- इस उप-विषय की समझ पाठ के दिए गए उदाहरणों और अभ्यासों पर आधारित है।