गंगा की कहानी नदी और मानव जीवन के संबंध को दिखाती है।
नगर, कृषि और कारखाने उसके जल से जुड़े हैं।
पाठ के आगे के हिस्सों में नदी के प्रदूषण की ओर संकेत मिलता है, जिससे स्वच्छता और जिम्मेदारी का विचार सामने आता है। निष्कर्ष वही रखें जो पाठ के प्रसंगों से स्पष्ट रूप से निकाला जा सकता है।
अभ्यास में गंगा के उद्भव, संगम, प्रदूषण और यात्रा-क्रम पर प्रश्न हैं।
भाषा कार्य में शब्द-निर्माण, समानार्थी, विशेषण और शब्द के अलग-अलग प्रयोग हैं।
गंगा से बातचीत, अनुच्छेद लेखन तथा आगे अंतरिक्ष और कृत्रिम मेधा पर चर्चा जैसी गतिविधियाँ भी दी गई हैं। ये गतिविधियाँ पाठ की समझ को बातचीत, लेखन, भाषा-अभ्यास और रचनात्मक कार्य से जोड़ती हैं.