हरिद्वार, कानपुर और प्रयागराज यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव हैं।
प्रयागराज में यमुना से संगम का उल्लेख है।
आगे वाराणसी से होकर गंगा पश्चिम बंगाल की ओर जाती है और उसकी धाराओं के विभाजन की बात आती है। घटनाओं को उसी क्रम में देखें जिस क्रम में पाठ उन्हें प्रस्तुत करता है।
गोमुख, हिमालय, देवप्रयाग, ऋषिकेश, हरिद्वार, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे स्थान-नाम नदी की यात्रा का क्रम बताते हैं। संगम, हिमालय और शब्द-निर्माण से जुड़े भाषा अभ्यास भी पाठ में हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। शब्दों और भाषा-प्रयोग को उनके पाठ-संदर्भ के साथ समझना उपयोगी है।