कविता में चाँद अपनी माता से ऊन का मोटा झिंगोला माँगता है क्योंकि उसे रात की ठंडी हवा से ठिठुरन होती है। वह आकाश की यात्रा और जाड़े के मौसम को अपनी परेशानी का कारण बताता है।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग को पढ़ते समय मुख्य घटनाओं, स्थान और प्रसंग पर ध्यान दें।
माता चाँद की बात सुनकर उसके बदलते आकार की समस्या बताती है।
कभी वह बहुत चौड़ा, कभी मोटा, कभी छोटा दिखाई देता है और कभी दिखाई भी नहीं देता।
इसलिए एक ही नाप का कुरता बनाना कठिन है। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।