चित्रकार सुनसान जगह में चित्र बना रहा होता है तभी शेर आता है। वह पहले डरता है, लेकिन घबराहट में रुकने के बजाय शेर को चित्र बनवाने के लिए बैठाने की योजना बनाता है।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग को पढ़ते समय मुख्य घटनाओं, स्थान और प्रसंग पर ध्यान दें।
चित्रकार शेर से पीठ फेरकर बैठने को कहता है।
शेर ऐसा करता है और चित्रकार चुपके से नाव की ओर खिसककर वहाँ से निकल जाता है।
शेर बाद में समझता है कि चित्रकार ने अपनी बुद्धि से उसे चकमा दिया। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।