चित्रकार की सफलता शक्ति से नहीं बल्कि परिस्थिति को समझकर सही समय पर उपाय करने से जुड़ी है। मेंढकों की कथा अलग बात सिखाती है: किसी लक्ष्य तक पहुँचने के बाद भी सही दिशा में देखना जरूरी है।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। निष्कर्ष वही रखें जो पाठ के प्रसंगों से स्पष्ट रूप से निकाला जा सकता है।
पाठ के अभ्यास में चित्रकार की विशेषता, शेर के व्यवहार, दोनों पात्रों की तुलना और संवाद पर प्रश्न हैं। आगे चित्रकला विद्यालय की कल्पना, विज्ञापन और पंचतंत्र या हितोपदेश की कहानियाँ खोजने की गतिविधियाँ दी गई हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। ये गतिविधियाँ पाठ की समझ को बातचीत, लेखन, भाषा-अभ्यास और रचनात्मक कार्य से जोड़ती हैं.