पाठ के दूसरे हिस्से में ओसाका और क्योटो के दो मेंढक अपने-अपने शहर देखने के लिए यात्रा करते हैं। पहाड़ की चोटी पर वे एक-दूसरे के सहारे खड़े होते हैं, लेकिन अपनी पीठ शहरों की ओर कर लेते हैं और अपने ही शहरों को देखते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। घटनाओं को उसी क्रम में देखें जिस क्रम में पाठ उन्हें प्रस्तुत करता है।
डरपोक, कायर, चतुर, झुँझलाहट, अभ्यास, यात्रा और दिशा जैसे शब्द दोनों कथाओं की स्थिति समझाते हैं। भाषा अभ्यास में मुहावरे, क्रिया-शब्द, वाक्य और संवाद पूरे करने के कार्य हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। शब्दों और भाषा-प्रयोग को उनके पाठ-संदर्भ के साथ समझना उपयोगी है।