Free Notes for Class 5–12 | CBSE | 24x7 Access
Home Schools Pricing
Log in Get Started

Text Understanding — Notes

Hindi न्याय English Medium Free sample chapter

पाठ का मुख्य विचार

नाटक का आरंभ कपिलवस्तु के राज-उद्यान में होता है। सिद्धार्थ और उनका सखा शाम के समय प्रकृति, पक्षियों और गायों के व्यवहार को देखते हुए उनके स्वभाव और समय के संबंध पर बातचीत करते हैं।

इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।

इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं। इस भाग को पढ़ते समय मुख्य घटनाओं, स्थान और प्रसंग पर ध्यान दें।

मुख्य बात: नाटक का आरंभ कपिलवस्तु के राज-उद्यान में होता है। सिद्धार्थ और उनका सखा शाम के समय प्रकृति, पक्षियों और गायों के व्यवहार को देखते हुए उनके स्वभाव और समय के संबंध पर बातचीत करते हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • नाटक का आरंभ कपिलवस्तु के राज-उद्यान में होता है।
  • इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
  • इस उप-विषय के तथ्य पाठ के दिए गए प्रसंग से ही समझे जा सकते हैं।
  • इस उप-विषय की समझ पाठ के दिए गए उदाहरणों और अभ्यासों पर आधारित है।

पात्र और उनकी भूमिकाएँ

एक हंस तीर से घायल होकर सिद्धार्थ के पास आता है।

सिद्धार्थ उसकी देखभाल करते हैं।

देवदत्त दावा करता है कि हंस उसका है क्योंकि उसने उसे तीर मारा था, लेकिन सिद्धार्थ उसे देने से इनकार करते हैं। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।

मुख्य बात: एक हंस तीर से घायल होकर सिद्धार्थ के पास आता है।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • एक हंस तीर से घायल होकर सिद्धार्थ के पास आता है।
  • सिद्धार्थ उसकी देखभाल करते हैं।
  • देवदत्त दावा करता है कि हंस उसका है क्योंकि उसने उसे तीर मारा था, लेकिन सिद्धार्थ उसे देने से इनकार करते हैं।
  • इस उप-विषय की समझ पाठ के दिए गए उदाहरणों और अभ्यासों पर आधारित है।