पात्र और उनकी भूमिकाएँ
माता चाँद की बात सुनकर उसके बदलते आकार की समस्या बताती है।
कभी वह बहुत चौड़ा, कभी मोटा, कभी छोटा दिखाई देता है और कभी दिखाई भी नहीं देता।
इसलिए एक ही नाप का कुरता बनाना कठिन है। इस भाग में पात्रों के व्यवहार और उनके बीच बने संबंध को पाठ के प्रसंग से समझें।
मुख्य बात: माता चाँद की बात सुनकर उसके बदलते आकार की समस्या बताती है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- माता चाँद की बात सुनकर उसके बदलते आकार की समस्या बताती है।
- कभी वह बहुत चौड़ा, कभी मोटा, कभी छोटा दिखाई देता है और कभी दिखाई भी नहीं देता।
- इसलिए एक ही नाप का कुरता बनाना कठिन है।
- इस उप-विषय की समझ पाठ के दिए गए उदाहरणों और अभ्यासों पर आधारित है।