तत्पुरुष : ' चचणकाश्च यवचचण ' के संबंध में सही विवरण कौन - सा है ?
○ अष्टाटानां अध्यायायानां समाहार : = अष्टाटाध्यायायीी
○ i) इतरेतर द्वन्द्व— जिस समस्तत पद में दोनों पदों का अर्थ अलग - अलग
यवाश्च चचणकाश्च = यवचचणकम्
○ समूह की प्रधानता रहती है , वहाँ समाहार द्वन्द्व समास होता है।
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यह विवरण अध्याय में स्पष्ट रूप से दिया गया है। — Examisthan.com