‘ iv राम शरणागतं’ का पाठ में वर्णित रूप कौन-सा है?
○ अत: यस्मिन् समासे प्रथम/ पूर्वपदेषु द्वितीीया विभक्तित: सप्ततमी विभक्ति-पर्यन्तं तं
○ (वृक्षस्य य उपरि) (ii) वनराज: उच्चैै: गर्जति।
○ द्वितीीया-तत्पुरुष:
(पदाय निर्लिप्तत:) (iv) राम: शरणागतं विभीीषणम् अरक्षत्।
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पाठ में ‘ iv राम शरणागतं’ के संदर्भ में यही तथ्य दिया गया है। — Examisthan.com