‘जन्तुतुशालां गत्वा ा प्रसन्नाना’ के बारे में पाठ में कौन-सी बात स्पष्ट की गई है?
○ जन्तुतुशालायाम् अनेके पशव: पक्षिण: च भवन्ति।
○ गन्धनिर्यासभस्मास्थितोेक्यैै: कामान् वितन्वते।।
बालका: जन्तुतुशालां गत्वा ा प्रसन्नाना: भवन्ति।
○ जन्तुतुशालाया: सर्वा: व्यवस्थाथा: प्रशासनेन क्रियन्तेते।
Show explanation
पाठ में ‘जन्तुतुशालां गत्वा ा प्रसन्नाना’ के संदर्भ में यही तथ्य दिया गया है। — Examisthan.com