औपचारिक पत्र : ' द्विसहस्ररूप्य ' के बारे में क्या बताया गया है ?
मासिकवेतनम् द्विसहस्ररूप्यकमात्रम् अस्ति। अस्मामाकं कुटटुम्बेबे…
○ के के उत्सासाहशीीला : भवन्ति ?
○ ii) शुल्ककक्षमापनार्थंं प्रधानाचार्यं प्रति पत्रम्—
○ वन्दनीीया : पितृचरणा :
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यह विवरण अध्याय में स्पष्ट रूप से दिया गया है। — Examisthan.com