पाठ के उदाहरण में ‘ह्य न अपठत्’ के बारे में क्या बताया गया है?
○ यूयं पुस्ततकं पठन्तुतु।
○ युवां भोजनं खादतम्।
○ (किञ्चित् विरम्यय) अध्यापक: — किं भवन्तत: जानन्ति अशुद्धय: कियत्यय: भवन्ति।
— स: ह्य: न अपठत्।
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पाठ में ‘ह्य न अपठत्’ के संदर्भ में यही तथ्य दिया गया है। — Examisthan.com