तृतीया चतुर्थी : ' दुर्जनात् त्रस ' के संबंध में सही विवरण कौन - सा है ?
○ — आभूषणेभ्य : स्पृहयति नारी।
○ — ईश्ववरात् ऋते न कोऽपि मम रक्षक : ।
गोकुल : दुर्जनात् त्रस्त : ।
○ नि + विद् ( निवेदन करना ) — स : गुरवे निवेदयति।
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यह विवरण अध्याय में स्पष्ट रूप से दिया गया है। — Examisthan.com