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Subjective Questions

रहीम के दोहे

रहीम के दोहे · Class 6 Hindi

Practise 10 short and long answer questions on रहीम के दोहे from रहीम के दोहे. Try writing your own answer first, then tap the question to compare it with the model answer and read the explanation behind it.

1 रहीम के दोहे में सुई और तलवार का उदाहरण किस बात को समझाता है? 1 mark
Model answer

सुई छोटे आकार की होने पर भी उपयोगी काम करती है, जबकि तलवार उस काम को नहीं कर सकती। इसलिए छोटे या कम महत्त्वपूर्ण दिखने वाले व्यक्ति या वस्तु को तुच्छ नहीं समझना चाहिए।

Explanation

दोहा उपयोगिता को आकार से अलग करके देखने की सीख देता है।

2 “तरुवर फल नहिं खात हैं” दोहे का भावार्थ लिखिए। 2 marks
Model answer

पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाते और सरोवर अपना पानी स्वयं नहीं पीते। इसी तरह सज्जन लोग अपनी संपत्ति दूसरों के हित के लिए सँजोते हैं।

Explanation

प्रकृति के उदाहरण से परोपकार का आदर्श समझाया गया है।

3 रहीम प्रेम के धागे को न तोड़ने की सलाह क्यों देते हैं? 2 marks
Model answer

प्रेम का संबंध टूट जाए तो फिर जुड़ने पर भी उसमें गाँठ रह जाती है। इसलिए संबंधों को झटके से तोड़ने के बजाय सावधानी और संवेदनशीलता से निभाना चाहिए।

Explanation

धागे की गाँठ संबंधों में आई स्थायी दूरी का प्रतीक है।

4 “पानी राखिए” दोहे में पानी शब्द का क्या आशय है? 2 marks
Model answer

दोहा पानी को मोती, मनुष्य और चूने के लिए आवश्यक बताता है। यहाँ पानी का अर्थ संदर्भ के अनुसार चमक, मान-सम्मान या मूल गुण की रक्षा से भी जुड़ता है।

Explanation

रहीम एक शब्द के माध्यम से अलग-अलग वस्तुओं में पानी की उपयोगिता दिखाते हैं।

5 रहीम विपत्ति को कभी-कभी भली क्यों मानते हैं? 2 marks
Model answer

विपत्ति थोड़े समय के लिए आए तो उससे पता चल जाता है कि कौन हितैषी है और कौन केवल दिखावे का साथी। कठिन समय लोगों के वास्तविक व्यवहार को सामने लाता है।

Explanation

दोहा संकट को संबंधों की पहचान का अवसर मानता है।

6 जिह्वा के बारे में रहीम क्या चेतावनी देते हैं? 2 marks
Model answer

रहीम कहते हैं कि जिह्वा बिना सोचे स्वर्ग-पाताल तक की बातें कह जाती है, लेकिन उसके परिणाम व्यक्ति को भुगतने पड़ते हैं। इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए।

Explanation

दोहा असावधान बोलने और उसके दुष्परिणामों पर ध्यान दिलाता है।

7 रहीम के दोहों में परोपकार का विचार किन उदाहरणों से व्यक्त हुआ है? 3 marks
Model answer

पेड़ फल स्वयं नहीं खाते और सरोवर अपना पानी स्वयं नहीं पीते। ये उदाहरण बताते हैं कि उपयोगी संपत्ति का वास्तविक महत्त्व दूसरों के काम आने में है। रहीम सज्जन व्यक्ति से भी यही अपेक्षा करते हैं कि वह अपनी सामर्थ्य का उपयोग लोकहित में करे।

Explanation

प्राकृतिक वस्तुओं का व्यवहार मानवीय सद्गुणों के लिए उदाहरण बनता है।

8 प्रेम-संबंधों को सँभालने के लिए रहीम की सीख स्पष्ट कीजिए। 3 marks
Model answer

रहीम प्रेम को धागे के समान मानते हैं। धागा टूटकर फिर जोड़ा जाए तो गाँठ रह जाती है; उसी तरह संबंधों में कटुता आने के बाद पहले जैसी सहजता कठिन हो सकती है। इसलिए बोलचाल और व्यवहार में सावधानी रखकर संबंधों को टूटने से बचाना चाहिए।

Explanation

दोहा संबंधों की नाजुकता को सरल वस्तु-चित्र के माध्यम से समझाता है।

9 रहीम के दोहों में विनम्रता और उपयोगिता का संबंध समझाइए। 3 marks
Model answer

सुई और तलवार के उदाहरण से रहीम बताते हैं कि छोटा दिखने वाला साधन भी ऐसे काम आ सकता है जो बड़ी वस्तु नहीं कर सकती। इससे दूसरों का मूल्य उनके आकार, पद या बाहरी प्रभाव से नहीं, बल्कि उनकी उपयोगिता और गुणों से आँकने की सीख मिलती है।

Explanation

दोहा अहंकार से बचने और हर व्यक्ति के योगदान को पहचानने की प्रेरणा देता है।

10 रहीम के दोहों का समग्र जीवन-संदेश लिखिए। 3 marks
Model answer

रहीम के दोहे प्रेम, परोपकार, वाणी-संयम, विनम्रता और संबंधों की रक्षा जैसे जीवन-मूल्य सिखाते हैं। वे पेड़, सरोवर, सुई, तलवार और धागे जैसे सरल उदाहरणों से गहरी बात समझाते हैं। उनके अनुसार मनुष्य को अपनी उपयोगिता दूसरों के हित में लगानी चाहिए और कठिन समय में लोगों के वास्तविक स्वभाव को पहचानना चाहिए।

Explanation

विभिन्न दोहों में अलग उदाहरण हैं, लेकिन सभी व्यवहार को विवेकपूर्ण और मानवीय बनाने पर बल देते हैं।

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