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Subjective Questions

मैया मैं नहिं माखन खायो

मैया मैं नहिं माखन खायो · Class 6 Hindi

Practise 10 short and long answer questions on मैया मैं नहिं माखन खायो from मैया मैं नहिं माखन खायो. Try writing your own answer first, then tap the question to compare it with the model answer and read the explanation behind it.

1 “मैया मैं नहिं माखन खायो” पद में बोलने वाला कौन है? 1 mark
Model answer

इस पद में बालक कृष्ण अपनी माँ यशोदा से कह रहे हैं कि उन्होंने माखन नहीं खाया।

Explanation

पद की पहली पंक्ति ही वक्ता और उसका कथन स्पष्ट करती है।

2 कृष्ण माखन खाने से इनकार करते हुए सुबह के बारे में क्या कहते हैं? 2 marks
Model answer

कृष्ण कहते हैं कि सुबह होते ही मधुबन ने उन्हें गायों के पीछे भेज दिया था। वे यह भी कहते हैं कि वे चार पहर तक बंसीवट में भटकते रहे और साँझ को घर लौटे।

Explanation

कृष्ण अपनी अनुपस्थिति और दिनचर्या को सफाई के रूप में प्रस्तुत करते हैं।

3 कृष्ण छींके से माखन लेने की असंभवता का क्या तर्क देते हैं? 2 marks
Model answer

कृष्ण कहते हैं कि वे बालक हैं और उनकी बाँहें छोटी हैं, इसलिए वे छींके तक कैसे पहुँच सकते थे। इस तर्क से वे माखन खाने के आरोप को नकारते हैं।

Explanation

बाल-सुलभ सफाई में कृष्ण अपनी उम्र और शारीरिक क्षमता का हवाला देते हैं।

4 कृष्ण ग्वाल-बालों पर क्या आरोप लगाते हैं? 2 marks
Model answer

कृष्ण कहते हैं कि सभी ग्वाल-बाल उनसे बैर रखते हैं और उन्होंने जबरन उनके मुँह पर माखन लगा दिया। वे यशोदा से कहते हैं कि वह दूसरों की बातों पर विश्वास कर रही हैं।

Explanation

कृष्ण आरोप को दूसरों की शरारत बताकर अपनी रक्षा करते हैं।

5 कृष्ण यशोदा को “मन की अति भोरी” क्यों कहते हैं? 2 marks
Model answer

कृष्ण के अनुसार यशोदा बहुत भोली हैं, इसलिए वे ग्वाल-बालों की बातों पर विश्वास कर लेती हैं। कृष्ण इस कथन से माँ को मनाने और अपनी सफाई को विश्वसनीय बनाने की कोशिश करते हैं।

Explanation

यह संबोधन बाल-कृष्ण की चतुराई और माँ के साथ निकटता दिखाता है।

6 पद के अंत में यशोदा की प्रतिक्रिया क्या है? 2 marks
Model answer

सूरदास के पद के अंत में यशोदा हँस पड़ती हैं और कृष्ण को अपने हृदय से लगा लेती हैं।

Explanation

माँ का व्यवहार डाँट या दंड के बजाय स्नेहपूर्ण अपनापन दिखाता है।

7 कृष्ण की सफाई में बाल-सुलभ चतुराई कैसे दिखाई देती है? 3 marks
Model answer

कृष्ण अपनी छोटी बाँहों का तर्क देते हैं, दिन भर गायों के पीछे रहने की बात कहते हैं और आरोप ग्वाल-बालों पर डालते हैं। वे माँ को भोली कहकर यह जताते हैं कि वह दूसरों की बातों में आ गई हैं। इन बातों से उनकी चंचलता और सहज चतुराई प्रकट होती है।

Explanation

कृष्ण के तर्क गंभीर बचाव से अधिक बाल-लीला और नटखटपन का आनंद देते हैं।

8 “मैया मैं नहिं माखन खायो” पद में माँ-बेटे के संबंध की विशेषताएँ लिखिए। 3 marks
Model answer

कृष्ण माँ के सामने निश्चिंत होकर अपनी सफाई देते हैं और उनसे शिकायत भी करते हैं। यशोदा उनकी बात सुनकर अंत में हँसती हैं और उन्हें गले लगा लेती हैं। इससे माँ-बेटे के संबंध में अपनापन, स्नेह और बाल-लीला की मधुरता दिखाई देती है।

Explanation

अंत की प्रतिक्रिया पद के भाव को वात्सल्य रस से भर देती है।

9 पद में हास्य और वात्सल्य का मेल कैसे दिखाई देता है? 3 marks
Model answer

कृष्ण माखन खाने से इनकार करते हुए कई बाल-सुलभ तर्क देते हैं और दूसरों पर दोष लगाते हैं। उनकी बातों में नटखट हास्य है, जबकि यशोदा का अंत में हँसकर उन्हें गले लगाना वात्सल्य भाव को प्रकट करता है।

Explanation

कृष्ण की चतुर सफाई और यशोदा का स्नेह दोनों मिलकर पद को मधुर बनाते हैं।

10 सूरदास के पद का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए। 3 marks
Model answer

पद में बालकृष्ण की नटखट लीला दिखाई गई है। माखन खाने के आरोप पर वे भोलेपन और चतुराई से सफाई देते हैं, ग्वाल-बालों पर दोष लगाते हैं और माँ को मनाने की कोशिश करते हैं। यशोदा अंत में हँसकर उन्हें गले लगा लेती हैं। इस प्रकार पद में वात्सल्य, हास्य और बाल-स्वभाव का सुंदर चित्रण है।

Explanation

पद का संवाद और उसका स्नेहपूर्ण अंत केंद्रीय भाव को स्पष्ट करते हैं।

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