द्वन्द्व में स्वरादि और ह्रस्व अकारान्त पद को पहलेे रखा जाता है।
होता है , उसे इतरेतर द्वन्द्व कहते हैं। समस्तत पद में संख्याया के…
i) इतरेतर द्वन्द्व— जिस समस्तत पद में दोनों पदों का अर्थ अलग - अलग
ii) समाहार द्वन्द्व— जहाँ अनेेक वस्तुओं का संग्रह दिखाया जाता है…