इस लकाार काा प्रयोग वेद में ही पायाा जााताा है। लौकिक संस् कृत म…
लिङ् काा एक भेद आशीर्लिङ् भी है , जिसकाा प्रयोग आशीर्वाद देने के
लकाारों में प्रयोग होने वााले प्रत्य यहााँ दिए जाा रहे हैं। इनकी…
परस्मैमैपदी क्रियााओं में लगने वााले नौ प्रत्य हैं जो निम्नलिखित…