‘यातायातस्यय शिरस्त्रााणस्यय दण्डडशुल्ककम्’ के संदर्भ में पाठ में कौन-सा कथन दिया गया है?
करिष्यति, मणिबन्धेे, मिष्टान्ननम्, अन््यम्, पश्चाात्, पश्यति, प्रसन्नन:, माातापितरौ,
दृष्ट्वाा, प्रसन्नौनौ, पर्वण:, बध्नाति
अवैैधप्रवेशम्, प्रहरिण:, भुशुण्डिं, प
यातायातस्यय, शिरस्त्रााणस्यय, दण्डडशुल्ककम्, प्रािप्तपत्रम्, यातायातरक्षीी, सुरक्षायैै,