' न् ' और ' थ् ' तथाा अस्ति में ' स् ' और ' त् ' काा संयोग है।
( पर : सन्निकर्ष : संहिताा ) । वर्णों की संहिताा की स्थितिति में ही स…
वर्णों के अत्यन्त साामीप्य अर्थात् व्यवधाान रहित साामीप्य को संह…
पाारिभाषिक शब्द है। महर्षि पाणिनि ने अष्टाध्यायी में इसकाा अर्थ…