जैसे— वााक् + ईश : में ' क् ' + ' ई ' में संहिताा ( अत्यन्त समीपताा ) क…
भााव को संयोग कहते हैं , यथाा— महत्त्वव में त् , त् तथाा व् काा सं…
संयोग :'' कियाया है। अर्थात् स्वर रहित व्यञ्जजनों ( हल् ) के व्यवधा…
इतिति + आदि - इत्यादि — (..................)