पाारिभाषिक शब्द है। महर्षि पाणिनि ने अष्टाध्यायी में इसकाा अर्थ…
संयोग :'' कियाया है। अर्थात् स्वर रहित व्यञ्जजनों ( हल् ) के व्यवधा…
( भू + अ + तिति ) । विकरण भेद से ही धातुएँ 10 विभिन्न्न गणों में वि…
यथाा— रााम :, राामौ , राामाा : तथाा भवतिति , भवत :, भवन्ति। केवल पठ्…