संयोग :'' कियाया है। अर्थात् स्वर रहित व्यञ्जजनों ( हल् ) के व्यवधा…
प्रत्य विकरण कहलाते हैं , यथाा— भवतिति में भू + तिति के मध्य में…
अयं राामस्य ग्रन्थ : अस्ति। राामस्य में ' स् ' और ' य् ', ग्रन्थ : में…
धातु और तितिङ् प्रत्यों के बीच में आने वाले शप् ( अ ) श्यन् ( य ) श्…