तस् , िझ आदि िक्रयायापदों में आने वाले 18 प्रत्य िवभक्ति संज्ञक ह…
प्रत्य विकरण कहलाते हैं , यथाा— भवतिति में भू + तिति के मध्य में…
संयोग :'' कियाया है। अर्थात् स्वर रहित व्यञ्जजनों ( हल् ) के व्यवधा…
भााव को संयोग कहते हैं , यथाा— महत्त्वव में त् , त् तथाा व् काा सं…