यथा— गिरीश : पुस्तकंं पठति। यहाँ ' पठति ' क्रिया को करने वाला
कर्म— क्रिया के सम्पाादन में कर्ता के सर्वाधिक अभीष्ट को कर्म
दी जा रही है , अत : ' मित्राय ' सम्प्रदान कारक है। इसी तरह ' माता बाल…
यथा— वागीश : मित्राय लेखनीं दाति। इस वाक्य में मित्र को लेखनी