हैं , उसे ही प्लुुत स्ववर कहते हैं। लिपि में प्लुुत स्ववर को ' ३ ' …
हृस्वव स्ववर कहते हैं। ये संख्याया में पाँचच हैं— अ , इ , उ , ॠ तथा…
स्ववर ( अच् ) — जो ( वर्ण ) किसी अन्य ( वर्ण ) की सहायता के बिना ही
' ण् ' के मध्य आने वाले सभी वर्ण ) य् , व् , र् तथा ल्।