का उच्चाचारण करने के लिए फेफड़े से निकली नि : श्वावास वायुु इन स्थ…
रहता है , तो मुुख के इस प्रयत्न को ईषत् विवृत कहते हैं। श् , ष् , स…
विसर्ग (:) — इसका उच्चाचारण कििञ्चत् ' ह् ' के सदृश किया जाता है ;
कण्ठ , तालुु , मूर्धा , दन्तत , ओष्ठठ एवं नासिका को उच्चाचारण स्थान…