लिङ्ग वचन : ' कोष्ठके प्रदत् ' के बारे में क्या बताया गया है ?
○ जलं पवित्रं वर्तते। ( ग ा , षष्ठीी , एकवचन )
○ बहव : गुुणा : सन्ति। ( मधुु / मधुुने / मधुनि )
प्र . 2. कोष्ठके प्रदत्तपदेभ्य : समुचितं पदं चित्वा वाक्यानि पूरयत—
○ उत्तमकार्याणि कुर्म : । ( वयम् / यूयम् / ते )
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यह विवरण अध्याय में स्पष्ट रूप से दिया गया है। — Examisthan.com