‘छाात्र स्वेेच्छाा सेे भी’ के संदर्भ में निम्न में से कौन-सी बात पाठानुसार सही है?
छाात्र स्वेेच्छाा सेे भी वााक्य संरचनाा कर सकतेे हैं।
○ अग्रजस्य, अनुुजस्य, भगिनी, स्वक्रमस्य, रक्षााबन्धनम्, रक्षाासूत्रम्, करोति,
○ मधुकर्कटिका, अमृतफलम्, नारिकेलानि, जम्बूबूफलानि, ग्रााहकाय, तोलयति
○ दृष्ट्वाा, प्रसन्नौनौ, पर्वण:, बध्नाति
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पाठ में ‘छाात्र स्वेेच्छाा सेे भी’ के संदर्भ में यही तथ्य दिया गया है। — Examisthan.com