पुरुष वचन : ' पुराा राजाा नल ' से जुड़ी सही जानकारी कौन - सी है ?
○ विधिलिङ् ( चाहिए के योग में )
○ लिङ् काा एक भेद आशीर्लिङ् भी है , जिसकाा प्रयोग आशीर्वाद देने के
था— पुराा राजाा नल : अभूत्।
○ लेट् लकार— अनेक काालों तथाा अनेक मनोभाावों को प्रकट करने वााले
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यह विवरण अध्याय में स्पष्ट रूप से दिया गया है। — Examisthan.com