‘क्षमाभावस्यय आवश्ययकता धैर्यस्यय’ का पाठ में वर्णित रूप कौन-सा है?
क्षमाभावस्यय, आवश्ययकता, धैर्यस्यय, दुर्घटनाया:, िवचार्य
○ छाात्र स्वेेच्छाा सेे भी वााक्य संरचनाा कर सकतेे हैं।
○ ृषभौ, स्वेदपूर्णम्, परिश्रमकारणात्, अन्ननदाता, मेघानां प्रतीक्षाीक्षाम्,
○ मधुकर्कटिका, अमृतफलम्, नारिकेलानि, जम्बूबूफलानि, ग्रााहकाय, तोलयति
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पाठ में ‘क्षमाभावस्यय आवश्ययकता धैर्यस्यय’ के संदर्भ में यही तथ्य दिया गया है। — Examisthan.com