‘सूर्यातपे चालयति कर्षत’ के बारे में पाठ में कौन-सी बात स्पष्ट की गई है?
सूर्यातपे, चालयति, कर्षत:, अन्नोनोत्पाादने, हलम्, योगदानम्
○ मोटरसाइकिलचालक:, अात्ममरक्षायैै
○ कारयानयो:, आक्रोोशपूर्वकम्, क्रुद्धौुद्धौ, दोषारोपणम्, आरक्षीी, क्षतिग्रस्तेते, कारयाने,
○ क्षमाभावस्यय, आवश्ययकता, धैर्यस्यय, दुर्घटनाया:, िवचार्य
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पाठ में ‘सूर्यातपे चालयति कर्षत’ के संदर्भ में यही तथ्य दिया गया है। — Examisthan.com