‘........................... ख अकिञ्चचनस्य’ के बारे में पाठ में कौन-सी बात स्पष्ट की गई है?
○ अहं त्वत्त: गणितं पठितुम् इच्छामि।
○ सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्ततम्?
○ जीवनं वरं न तु वैैभवस्यय। सत्ययमेवास्ति — दूरत: पर्वता: रम्याया:। इति
........................... (ख) अकिञ्चचनस्य य मनसि किम् प्राविशत्?
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पाठ में ‘........................... ख अकिञ्चचनस्य’ के संदर्भ में यही तथ्य दिया गया है। — Examisthan.com